Wednesday, 29 April 2015


54 सौ मीटर ऊंचाई पर फंसा है फरीदाबाद का पर्वतारोही

हरेंद्र नागर, फरीदाबाद :
माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने गए शहर के पहले पर्वतारोही सौरभ अग्रवाल हिमालय में 5400 मीटर की ऊंचाई पर बने बेस कैंप में फंस गए हैं। मंगलवार को चाइना माउंटेनियरिंग एसोसिएशन (सीएमए) ने चीन की तरफ से माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई कर रहे पर्वतारोहियों का दौरा रद कर दिया। भूकंप में नायलम और टिगरी का बंद होने के कारण अब इनकी वापसी की समस्या खड़ी हो गई है। यह रास्ता हिमस्खलन और सड़क टूट जाने के कारण बंद है। इनकी वापसी के लिए अब चीन सरकार माथा पच्ची कर रही है।

 अब वापसी की चिंता सताने लगी : सेक्टर-17 निवासी सौरभ अग्रवाल के दल में 12 लोग हैं। शेखर बाबू इस दल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि 25 अप्रैल को दल 6500 मीटर ऊंचाई पर एडवांस बेस कैंप में पहुंच गया था, किंतु मौसम खराब होने व फिर भूकंप के अनुमान के बाद उन्हें 26 अप्रैल को 5400 मीटर ऊंचाई पर बने बेस कैंप में वापस आना पड़ा। सोमवार को सीएमए की बैठक हुई। इसमें मौसम व भविष्य की परिस्थितयों पर विचार के बाद पर्वतारोहियों को वापस बुलाने या यात्रा जारी रखने पर विचार किया गया। मंगलवार को सभी पर्वतारोहियों की वापसी पर सहमति बन गई। नायलम और टिगरी का रास्ता बंद होने के कारण हो सकता है कि चीन सरकार इन्हें पहले ल्हासा तक लाए जाए। इसके बाद हवाई जहाज से नीचे पहुंचाया जाए।
तीन कारण रहे अहम :
सीएमए की बैठक में माउंट एवरेस्ट की यात्रा रोकने के तीन कारण सबसे अहम रहे। एक तो दोबारा भूकंप आने की संभावना है। दूसरे भूकंप से माउंट एवरेस्ट के रास्ते में नई दरारें बन गई हैं, जिससे यात्रा करना बेहद खतरनाक हो सकता है। तीसरे जो शेरफा (यात्रा में सहयोग करने वाले चीन व नेपाल के लोग) यात्रा में साथ चल रहे हैं, भूकंप से उनके घर व परिवार को क्षति हुई है। इसलिए वह जल्द घर लौटना चाहते हैं।


 बेहद निराश हैं सौरभ वापसी की खबर सुनकर : सौरभ अग्रवाल ने व्हा‌ट्स-एप पर हुई बातचीत में दैनिक जागरण फरीदाबाद कार्यालय को बताया कि यहां उनके दल के अलावा कई अन्य दल भी हैं। करीब 150 पर्वतारोही हैं। सभी बेस कैंप में है। वापसी की खबर सुनकर वह बेहद निराश हैं। माउंट एवरेस्ट फतेह करने का उनका सपना अधूरा रह गया है। अब पता नहीं कब मौका मिले। माउंट एवरेस्ट पर एक बार जाने के लिए 20 से 30 लाख रुपये का खर्च आता है। इसके लिए स्पोंसर ढूंढना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि चीन सरकार सभी पर्वतारोहियों की जल्द वापसी का इंतजाम कर देगी। अनी अग्रवाल का कहना है कि पहले उन्हें सौरभ के माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का इंतजार था अब वह उनकी वापसी की दुआ मांग रही हैं।

No comments:

Post a Comment